वैज्ञानिकों की झलक माँ वैष्णो मॉडर्न पब्लिक स्कूल में विज्ञान प्रदर्शनी का सफल आयोजन

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सोनभद्र। माँ वैष्णो मॉडर्न पब्लिक स्कूल, रॉबर्ट्सगंज में विद्यार्थियों की वैज्ञानिक सोच, नवाचार एवं रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विज्ञान प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी में विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों ने विज्ञान, तकनीक, पर्यावरण, स्वास्थ्य तथा भविष्य की उन्नत योजनाओं से जुड़े अनेक आकर्षक एवं ज्ञानवर्धक मॉडल प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने अपने मॉडलों के माध्यम से जटिल वैज्ञानिक अवधारणाओं को सरल भाषा में समझाया, जिससे उपस्थित अभिभावक एवं आगंतुक अत्यंत प्रभावित हुए।
प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण ढोलेरा एस.आई.आर. पर आधारित मुख्य प्रोजेक्ट रहा। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से विद्यार्थियों ने भारत की प्रथम स्मार्ट औद्योगिक टाउनशिप की अवधारणा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। मॉडल में आधुनिक अवसंरचना, स्मार्ट सिटी योजना, औद्योगिक विकास, निवेश की संभावनाएँ, रोजगार सृजन तथा समग्र आर्थिक विकास को विस्तार से दर्शाया गया। इस प्रोजेक्ट में वैष्णवी जैसवाल, नंदिनी पाठक, अदिति जैन, दीपिका, अनुष्का गुप्ता, अनुष्का मौर्य, अंशिका यादव, फलक, आयुषी यादव, रश्मि यादव, नीलू विश्वकर्मा, अनुपम देव पाण्डेय एवं मोहित विश्वकर्मा ने सक्रिय सहभागिता की। इस प्रोजेक्ट के लिए विद्यार्थियों को कोच शैलेन्द्र दुबे (लेखा विभाग) का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
प्रदर्शनी में ऐरोपोनिक प्रणाली पर आधारित मॉडल भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें मिट्टी के बिना पौधों की जड़ों पर पोषक घोल की फुहार से खेती करने की आधुनिक तकनीक को समझाया गया। इस मॉडल के माध्यम से कम जल में अधिक उत्पादन, शहरी कृषि तथा भविष्य की सतत खेती की संभावनाओं को दर्शाया गया। इस प्रोजेक्ट को सागर मौर्य एवं आदित्य नारायण ने तैयार किया।
इसके अतिरिक्त एंटी बैक्टिरीयल सिस्टम नामक प्रोजेक्ट में नीम एवं तुलसी के जीवाणुरोधी गुणों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया। इस प्रोजेक्ट में कुमकुम पाठक, सृष्टि सिंह एवं साक्षी ने सहभागिता की तथा उन्हें कोच अशोक कुमार (जीवविज्ञान विभाग) का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
प्रदर्शनी में प्रोजेक्ट आन नर्व सिस्टम, कृत्रिम एआई रोबोट, मिशन मंगल प्रोजेक्ट इसरो पर आधारित प्रोजेक्ट मॉडल, नदी स्वच्छता उपकरण, सूक्ष्मदर्शी यंत्र, एआई चेतक सहित अनेक अन्य रोचक एवं नवाचारी मॉडल भी प्रदर्शित किए गए, जिनमें विद्यार्थियों की वैज्ञानिक समझ और तकनीकी दक्षता स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य सत्य देव कुमार श्रीवास्तव ने अपने वक्तव्य में विद्यार्थियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार की विज्ञान प्रदर्शनी बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, आत्मविश्वास तथा तार्किक सोच को विकसित करती है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रयोगात्मक शिक्षा से ही विद्यार्थियों में नवाचार की भावना जागृत होती है, जो भविष्य में उन्हें सक्षम एवं जागरूक नागरिक बनने में सहायक सिद्ध होगी।
वहीं विद्यालय के प्रबंधक रमाशंकर दुबे ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि छात्रों को व्यावहारिक अनुभव भी उपलब्ध कराना है। उन्होंने शिक्षकों के सत्तत् मार्गदर्शन तथा अभिभावकों के सहयोग को विद्यार्थियों की सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया और भविष्य में भी इस प्रकार की गतिविधियों को निरंतर आयोजित करने की बात कही।
विद्यालय परिवार द्वारा प्रदर्शनी में उपस्थित सभी अभिभावकों के सहयोग एवं सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया गया। अभिभावकों ने भी बच्चों की प्रतिभा, परिश्रम एवं रचनात्मकता की सराहना करते हुए विद्यालय के शैक्षिक वातावरण की प्रशंसा की।
इस आयोजन को सफल बनाने में कोआर्डिनेटर के. एन. मिश्रा, विशेष पाठक, ऋचा पाण्डेय एवं अजय पाण्डेय का विशेष योगदान रहा। साथ ही विज्ञान अध्यापक अमित पटेल, अंजली मिश्र, सुहाग सिंह, राहुल चतुर्वेदी, रीतिका सिंह तथा सूचना प्रौद्योगिकी प्रमुख कृष्णा मिश्रा की सक्रिय भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। कुल मिलाकर, यह विज्ञान प्रदर्शनी विद्यार्थियों के लिए सीखने, प्रयोग करने और अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का एक प्रेरणादायक मंच सिद्ध हुई।

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