चौरा गांव में इको और विलेज टूरिज्म की सम्भावना, किया जाएगा  विकसित: जिलाधिकारी

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अमित मिश्रा

चौरा गांव में जन चौपल लगाकर 127 वनवासियों को वनाधिकार पट्टे की दी गयी खतौनी

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में अनुसूचित जनजाति और अन्य परम्परागत वनवासियों को वन अधिकारों की मान्यता के खतौनी का वितरण नगवां विकास खण्ड के बिहार सीमा पर प्रकृति के गोद मे बसे ग्राम चौरा में जन चौपाल लगाकर किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीणों की सुनी समस्याएं, निस्तारण हेतु अधिकारियों को दिये निर्देश और ग्राम चौरा व आस-पास गांव के ग्रामीणों को केन्द्र व प्रदेश सरकार द्वारा संचालित योजनाओं से लाभाविन्त किया जाएगा। इस उन्होंने कहा कि वन भूमि पर वर्षों से कृषि कर रहे लोगों को वनाधिकार अधिनियम के तहत खतौनी प्रमाण-पत्र वितरण मिलने से उन्हें मालिकाना हक मिल गया है। इससे वह सरकार की सभी सुविधायों का लाभ ले सकते है।

इस कार्यक्रम में सांसद छोटेलाल खरवार, विधायक सदर भूपेश चौबे व जिलाधिकारी बीएन सिंह ने आज मड़पा के राजस्व ग्राम चौरा में जन चौपाल लगाकर अनुसूचित जनजाति और अन्य परम्परागत वन निवासी, वन अधिकारों की मान्यता के अन्तर्गत पात्र 127 लाभार्थियों को खतौनी का वितरण किया गया। खतौनी वितरण से अनुसूचित जनजाति और अन्य परम्परागत वन निवासी, वन अधिकारों की मान्यता (अधिनियम 2006 नियम 2008) एवं संसोधन नियम-2012) के अन्तर्गत उनकी जीविका के साधन एवं खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करते हुये उनके कब्जे की वन भूमि पर उन्हें खतौनी द्वारा मालिकाना हक प्रदान किया गया है। इन ग्रामीणों द्वारा जिस भूमि की कई वर्षों से जोताई-बुवाई का कार्य किया जाता रहा है, लेकिन अभी तक इनको मालिकाना हक का कोई प्रमाण नहीं था, जिससे उन्हें अनेक प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता था और सरकार की योजनाओं से सम्बन्धित लाभ नहीं मिल पा रहा था, इसी के मद्देनजर ग्रामीणजनों को इन समस्याओं का सामना न करना पड़ें, इसलिए काबिज भूमि की खतौनी का वितरण किया गया है।

आयोजित जनचौपाल को सम्बोधित करते हुए विधायक सदर श्री भूपेश चौबे ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कई वर्षों से जंगल में रह रहे वनवासियों के जन कल्याण के लिए उनके मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए कई योजनाएं संचालित हैं। इसी तरह से वनवासी समाज के लोगोे के लोगों द्वारा जिस जमीन पर कई वर्षों से जोत-कोड़ करते चले आ रहें हैं, उनके पास जमीन का कोई रिकार्ड नहीं था, जिससे उन्हें कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा था, जिसे ध्यान में रखते हुए इनके वनवासी समाज के भूमि पर उन्हीं का अधिकार हमेशा बना रहें, इसलिए खैतौनी का वितरण किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री का सपना है कि सभी का छत पक्का हो, सभी के घर शौचायल हो और अब पिछड़े लोगों का भी उत्थान हो, इसी के मद्देनजर राज्यपाल का 2 बार और मुख्यमंत्री जनपद में 7 बार आगमन भी हुआ, जो जनपद के लिए सौभाग्य की बात है। वन निवासियों को उनका अधिकार मिलें इस मकसद से राज्यपाल महोदया जी द्वारा राजभवन में 10 से 12 बार मीटिंग भी करायी गयी। उन्होंने जनपौल में उपस्थितजनों से अपील किया कि अपने बच्चों को हर हाल में स्कूल भेजने का काम करें, जिससे आगे चलकर आपके बच्चों शिक्षा प्राप्त कर जागरूक होते अच्छे सोच के साथ समाज को आगे बढ़ाने का काम कर सकें। अपने बच्चों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक भी करना होगा, जिससे स्वस्थ्य शरीर का विकास भी होत रहें।

इसी प्रकार से सांसद छोटेलाल खरवार ने कहा कि जोत-कोड़ के आधार पर काबिज हमारे वनवासियों को खतौनी के माध्यम से जो मालिकाना हक प्राप्त हो रहा है, इसके लिए हम सभी लोग सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हैं और यह कार्य सराहनीय। सरकार द्वारा सभी क्षेत्रों में वनाधिकार के तहत जो भी पट्टा व खतौनी का वितरण किया जाये उसे पारदर्शिता व निष्पक्षता के साथ किया जाये, जिससे भविष्य में वनवासियों को किसी प्रकार की समस्या न होने पायें।

इसी प्रकार से जिलाधिकारी बीएन सिंह ने सभी को सम्बोधित करते हुए कहा कि जो पात्र व्यक्ति हैं, उसमें ज्यादा अनुसूचित जनजाति के लोग हैं, को अभी तक 16 हजार पट्टे का वितरण किया जा चुका है, पट्टा वितरण के पश्चात उनका नाम खतौनी में अंकित कर उनको मालिकाना हक के रूप में खतौनी का वितरण भी शुरू करा दिया गया है। अनुसूचित जनजाति और अन्य परम्परागत वन निवासी, वन अधिकारों की मान्यता मिलें राज्यपाल द्वारा जनपद में कार्य प्रारंभ किया गया है। इसी क्रम में हम लोग आज यहां आये हुए हैं और 127 पात्र लाभार्थियों को खतौनी का वितरण किया जा रहा है।

उन्होेंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा के लिए विभिन्न कार्यक्रम संचालित हैं, सुदूर क्षेत्र के गांवों में भी जो प्राकृतिक दृश्य हैं, चौरा गांव के आस-पास प्राकृतिक सौन्दर्य बेहतर है, यहां पर इंको टूरिज्म, विलेज टूरिज्म को विकसित करने के दृष्टिकोण से काफी अच्छा है, इसे भी आगे बढ़ाने हेतु कार्यवाही की जायेगी, जिससे कि इस क्षेत्र का और बेहतर ढंग से विकास हो सके।

उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा जो भी जन कल्याणकारी योजनाएं ग्रामीणजनों के हित के लिए चलायी जा रही है, उससे सभी पात्र व्यक्तियों को लाभान्वित करने की कार्यवाही सम्बन्धित अधिकारी द्वारा सुनिश्चित की जाती है। उन्होंने कहा कि चौरा गांव जनपद मुख्यालय से काफी दूर पर स्थित है, इन ग्राम के निवासियों के समस्या का निस्तारण ग्राम स्तर पर ही किये जाने सम्बन्धी कार्यवाही की जाये, जिससे कि इन्हें अपनी समस्याओं के निस्तारण के लिए परेशानी न उठाना पड़े।

इस दौरान उन्होंने कहा कि चौरा गांव में पुल, नेटवर्क से सम्बन्धित जो भी समस्याएं हैं, उनके निराकरण हेतु भी आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करायी जायेगी और समस्याओं को दूर करने हेतु कार्ययोजना बनायी जायेगी, शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर करने हेतु आवश्यक प्रबन्ध करना सुनिश्चित की जायेगी।

इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, तहसीलदार सदर अमित कुमार सिंह, ब्लाक प्रमुख नगवां आलोक सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर यादव, नायाब तहसीलदार सदर, खण्ड विकास अधिकारी नगवां,लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष सुबोध सिंह, रत्नेश शुक्ला, पंचायत सचिव जेक्शन खजूर, व अन्य अधिकारीगण,ग्राम प्रधान तथा ग्रामीणजन उपस्थित रहें।

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