सोनभद्र। विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट 2026 का गरिमामय आयोजन विंध्य कन्या पीजी कॉलेज , रॉबर्ट्सगंज में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। जनपद के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से चयनित 18–25 आयु वर्ग के 25 युवाओं ने इसमें सक्रिय और सारगर्भित सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। कार्यक्रम में स्वागत गीत सृष्टि, दिव्या, रागिनी द्वारा किया गया । इस वर्ष यूथ पार्लियामेंट का केंद्रीय विषय था— “आपातकाल के 50 वर्ष: भारतीय लोकतंत्र के लिए सबक”। प्रतिभागियों ने ऐतिहासिक संदर्भों, संवैधानिक मूल्यों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा नागरिक अधिकारों के परिप्रेक्ष्य में अपने विचार प्रभावशाली एवं तार्किक ढंग से प्रस्तुत किए। युवाओं की अभिव्यक्ति में लोकतांत्रिक चेतना, संवैधानिक प्रतिबद्धता तथा राष्ट्रनिर्माण के प्रति जागरूकता स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।
प्रतियोगिता के परिणामस्वरूप सुश्री तनुश्री ने प्रथम, आंचल सोनी ने द्वितीय, नामीरा अली ने तृतीय, गुंजन पाण्डेय ने चतुर्थ तथा सुश्री अंजलि ने पंचम स्थान प्राप्त किया। चयनित प्रतिभागी अब उत्तर प्रदेश विधानसभा में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय युवा संसद में जनपद सोनभद्र का प्रतिनिधित्व करेंगे और प्रदेश स्तर पर अपने विचारों के माध्यम से जनपद की आवाज को सशक्त करेंगे।
मुख्य अतिथि भूपेश चौबे (विधायक, सदर ) ने अपने उद्बोधन में युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की परिकल्पना तभी साकार होगी, जब युवा वर्ग नेतृत्व, उत्तरदायित्व और नैतिक मूल्यों को आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम में निर्णायक की भूमिका में राम प्रकाश अस्थाना, असिस्टेंट प्रोफेसर डी बिनानी पी जी कॉलेज मिर्जापुर शिवशंकर असिस्टेंट प्रोफेसर भूगर्भशास्त्र, डॉक्टर पारसनाथ मिश्र, श्रीकृष्ण कुमार सिंह अधिवक्ता, डॉक्टर विशेष मणि पांडे असिस्टेंट प्रोफेसर महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर महाविद्यालय की प्रधानाचार्या डॉक्टर अंजली सिंह ने सभी अतिथियों, निर्णायकों, प्रतिभागियों एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। संपूर्ण आयोजन अनुशासन, विचारशीलता एवं राष्ट्रभावना से ओत-प्रोत वातावरण में संपन्न हुआ, जिसने जनपद के युवाओं में लोकतांत्रिक सहभागिता के प्रति नई ऊर्जा का संचार किया। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर डॉक्टर मालती शुक्ला द्वारा किया गया ।






