अमित मिश्रा
सोनभद्र । जनपद में चल रही धान खरीद व्यवस्था की बदहाली अब किसानों के सब्र की परीक्षा लेने लगी है। बीते एक महीने से सैकड़ों किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ मंडियों में डटे हुए हैं, लेकिन क्रय केंद्रों पर धीमी तौल और अव्यवस्था के कारण अन्नदाता खुले आसमान और कड़ाके की ठंड में दिन-रात बिताने को मजबूर है।
इसी मुद्दे को लेकर किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा ने बुधवार को जोरदार हस्तक्षेप किया।
“अन्नदाताओं का हित सर्वोपरि है” : संदीप मिश्र
धान खरीद की प्रगति जानने के लिए जब किसानों के फोन पर किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा का प्रतिनिधिमंडल मंडी पहुंचा, तो वहां की स्थिति देखकर संगठन भड़क उठा।
मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्र ने मौके से ही प्रमुख सचिव (खाद्यान्न एवं रसद विभाग) से फोन पर बात कर कड़े शब्दों में कहा-
“अन्नदाताओं का हित सर्वोपरि है।
इस धरती के भगवान किसान के साथ हो रहा यह अत्याचार अब बंद होना चाहिए।”
उन्होंने स्पष्ट मांग की कि हर क्रय केंद्र पर कांटा और तौल की संख्या तुरंत बढ़ाई जाए, ताकि किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

एक महीने से मंडी में डटे किसान, प्रशासन पर सवाल
संदीप मिश्र ने बताया कि
जनपद के कई क्रय केंद्रों पर स्थिति यह है कि—
- किसान एक महीने से अधिक समय से मंडी में खड़े हैं
- सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में धान भरा हुआ है
- किसान अपनी फसल की रखवाली कड़ाके की ठंड में मंडी में ही रात बिताकर कर रहा है
उन्होंने जनपद के धान खरीद प्रभारी अधिकारी से भी आग्रह किया—
“एक बार खुद क्रय केंद्रों का निरीक्षण कीजिए,
मंडी में आकर देखिए कि किसान किस हालात में जी रहा है।”
चेतावनी: तौल नहीं बढ़ी तो सड़क पर उतरेगा मोर्चा
किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि—
“अगर जल्द ही धान की तौल की गति नहीं बढ़ाई गई,
तो संगठन सड़क पर उतरने को मजबूर होगा।
उस स्थिति की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।”
प्रदर्शन में ये रहे मौजूद
आज के विरोध-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान और संगठन पदाधिकारी शामिल रहे, जिनमें प्रमुख रूप से—
विवेक पटेल, बिरबल पटेल, राजू मौर्य, सुरेन्द्र पाल, आदर्श पटेल, प्रमोद चौबे, मनोज गुप्ता, डबलू सिंह पटेल, रुद्र कुमार, रामदेव पाल और राजेश चौहान उपस्थित रहे।







