चंदौली जिले के नौगढ़ तहसील अंतर्गत बैरगाढ गांव में शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे परिवार को गहरे शोक में डाल दिया। बैरगाढ गांव निवासी संतलाल यादव (45 वर्ष), पुत्र अलगू यादव की सांप के काटने से मौत हो गई।
आपको बता दे की सुबह करीब 7 बजे संतलाल अपने घर में खाना बनाने के लिए गोइठा (उपला) निकाल रहे थे। इसी दौरान गोइठे (उपला) में छिपे जहरीले सांप ने उनके दाहिने हाथ के अंगूठे में काट लिया। घटना के बाद परिजनों ने उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक करने वालों बाबा के पास ले गए। झाड़-फूंक में कीमती समय बर्बाद होने के कारण उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।

काफी देर बाद जब झाड़-फूंक से कोई फायदा नहीं हुआ, तो परिजन उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वैनी ले गए। उसके बाद परिजनों ने उन्हें एंबुलेंस से नौगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एंबुलेंस की सहायता से लाए, लेकिन देर से पहुंचने के कारण इलाज शुरू होने से पहले ही उनकी मौत हो गई।
परिजनों ने बताया कि संतलाल शारीरिक रूप से विकलांग थे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा तीन बेटियां और एक बेटा है। सबसे बड़ी बेटी अंजू की हाल ही में शादी हुई है, जबकि छोटी बेटियां अंजलि और नित्यम तथा बेटा शिवगंगे अभी पढ़ाई कर रहे हैं। अचानक हुई इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। माता-पिता, पत्नी और बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल है।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय पर अस्पताल पहुंचाया जाता तो संतलाल की जान बचाई जा सकती थी। यह घटना इस बात की गंभीर सीख है कि सांप काटने पर झाड़-फूंक की जगह तुरंत अस्पताल पहुंचाना ही सबसे सही कदम है।







