चंदौली जिले के चकरघट्टा थाना क्षेत्र के परसिया गांव में सर्पदंश से 17 वर्षीय किशोरी की मौत का मामला सामने आया है। सांप के काटने के बाद परिजन उसे आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नौगढ़ लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सक ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बावजूद परिजन मौत की पुष्टि स्वीकार नहीं कर सके और किशोरी को लेकर गाजीपुर स्थित अमवा शक्ति धाम चले गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, परसिया गांव निवासी गोपाल की 17 वर्षीय पुत्री प्रीति घर के अंदर सामान लेने गई थी। इसी दौरान वहां छिपे बैठे सांप ने उसके पैर में डस लिया। सर्पदंश के बाद किशोरी की हालत बिगड़ने लगी। उसकी चीख-पुकार सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगढ़ ले गए। वहां चिकित्सक ने परीक्षण के बाद किशोरी को मृत घोषित कर दिया।
चिकित्सक डॉ अजीत सिंह द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद भी परिजन इस बात को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हुए। इसके बाद वे किशोरी को लेकर झाड़-फूंक की उम्मीद में गाजीपुर स्थित अमवा शक्ति धाम चले गए।
सर्पदंश में तत्काल इलाज जरूरी (डॉ अजीत सिंह)
डॉ अजीत ने बताया कि सर्पदंश की घटनाओं में समय पर अस्पताल पहुंचना और उचित चिकित्सा उपचार मिलना बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे मामलों में झाड़-फूंक या अन्य पारंपरिक उपायों के भरोसे समय गंवाना जानलेवा साबित हो सकता है। सांप के काटने पर पीड़ित को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाना चाहिए, ताकि समय रहते आवश्यक उपचार मिल सके।









