नवीन कुमार
O- पंचायत महोत्सव एवं क्षेत्रीय ग्राम स्वराज्य सम्मेलन में स्वच्छता, शौचालय के नियमित प्रयोग और ग्राम सभा को सशक्त बनाने पर हुआ मंथन
कोन (सोनभद्र)। कोन क्षेत्र के जंगलों, पहाड़ों और नदियों के संरक्षण के साथ ग्रामीण स्वराज्य को मजबूत बनाने की दिशा में गुरुवार को महत्वपूर्ण पहल की गई। स्थानीय ब्लॉक की ग्राम पंचायत गिधिया के अंजनिया स्थित ग्राम निर्माण केंद्र परिसर में पंचायत महोत्सव एवं क्षेत्रीय ग्राम स्वराज्य सम्मेलन का आयोजन किया गया। ग्रामीण अगुवा लखराज चेरो की अध्यक्षता में आयोजित सम्मेलन में प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा, स्वच्छता, शौचालयों के नियमित प्रयोग और ग्राम सभा की सक्रिय भागीदारी जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान सामाजिक बदलाव के लिए कार्य करने वाले छह नायकों को सम्मानित किया गया।
सम्मेलन में युवा सामाजिक कार्यकर्ता प्रेम दयाल और नीता सहित अन्य वक्ताओं ने जंगलों, पहाड़ों और नदियों को ग्रामीण जीवन, आजीविका और पर्यावरण संतुलन का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संपदा का संरक्षण केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है। ग्रामीणों से प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान से बचाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने कोन क्षेत्र की प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए मिलकर प्रयास करने का संकल्प लिया।

स्वच्छता के मुद्दे पर चर्चा करते हुए देवनाथ सिंह ने शौचालयों के नियमित प्रयोग और गांवों में स्वच्छ वातावरण बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता को जनजीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रत्येक परिवार की भागीदारी आवश्यक है। वहीं, ग्राम सभा को सशक्त बनाने के लिए ग्रामीणों से नियमित बैठकों में शामिल होने, स्थानीय समस्याओं को सामने रखने और विकास कार्यों की निगरानी में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी समां बांधा। प्रस्तुतियों के माध्यम से ग्रामीण संस्कृति, सामाजिक एकता और सामूहिक सहभागिता का संदेश दिया गया। राम नरेश, सोबरन और इंद्रावती सहित अन्य ग्रामीणों ने अपने विचार रखते हुए स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और गांवों के विकास में जनभागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।
सम्मेलन में ग्रामीणों ने स्थानीय समस्याओं पर विचार-विमर्श करते हुए गांवों को स्वच्छ, सशक्त और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता जताई। कार्यक्रम के अंत में सामाजिक बदलाव की दिशा में योगदान देने वाले छह नायकों को सम्मानित किया गया। सम्मेलन ने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और ग्राम स्वराज्य की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।









