आचार्य सुशील तिवारी
O- 11 फरवरी को धर्म–कर्म और शुभ कार्यों के लिए विशेष दिन
काशी । वैदिक ज्योतिष एवं हिन्दू पंचांग के अनुसार बुधवार, 11 फरवरी 2026 का दिन धार्मिक, आध्यात्मिक और शुभ कार्यों की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दिन अमृतसिद्धि योग एवं सर्वार्थसिद्धि योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो देशभर में धर्माचार्यों और ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शुभ फलदायी रहेगा।
पंचांग विवरण (काशी मानक समयानुसार)
- विक्रम संवत्: 2082
- अयन: उत्तरायण
- ऋतु: शिशिर
- मास: फाल्गुन
- पक्ष: कृष्ण
- तिथि: नवमी (प्रातः 09:58 तक), तत्पश्चात् दशमी
- नक्षत्र: अनुराधा (प्रातः 10:53 तक), तत्पश्चात् ज्येष्ठा
- योग: व्याघात (रात्रि 02:30, 12 फरवरी तक), तत्पश्चात् हर्षण
- दिशा शूल: उत्तर दिशा
शुभ–अशुभ काल
- राहुकाल: दोपहर 12:41 से 02:06 तक
- ब्रह्ममुहूर्त: प्रातः 05:20 से 06:11 तक
- अभिजीत मुहूर्त: उपलब्ध नहीं
- निशिता मुहूर्त: रात्रि 12:16 से 01:06 (12 फरवरी)
सूर्य समय
- सूर्योदय: प्रातः 07:02
- सूर्यास्त: सायं 06:21
पर्व एवं विशेष योग
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, सुबह 07:02 से 10:53 बजे तक अमृतसिद्धि योग एवं सर्वार्थसिद्धि योग प्रभावी रहेगा। इस अवधि में किए गए जप, तप, दान, पूजा, व्रत, गृह प्रवेश, व्यापार आरंभ एवं मांगलिक कार्य विशेष फल प्रदान करते हैं।
इस दिन समर्थ रामदासजी नवमी भी श्रद्धा एवं भक्ति भाव से मनाई जाएगी।
शास्त्रीय निर्देश
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार दशमी तिथि पर कलंबी का शाक सेवन वर्जित माना गया है।
(संदर्भ: ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड 27.29–34)
ज्योतिषीय संदेश
ज्योतिष विशेषज्ञों का मानना है कि यह दिन आत्मिक शुद्धि, साधना, सामाजिक समरसता और सकारात्मक संकल्पों के लिए अत्यंत उपयुक्त है। श्रद्धालुओं को इस शुभ संयोग का लाभ उठाने की सलाह दी गई है।
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