प्लास्टिक के बदले सेनेटरी पैड, स्वच्छता और महिला स्वास्थ्य का अनूठी पहल

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रवि पाण्डेय

O- वाराणसी मंडल से देश को संदेश

वाराणसी (उत्तरप्रदेश) । स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत वाराणसी मंडल में कूड़ा प्रबंधन को लेकर एक अभिनव और प्रेरक पहल की शुरुआत की गई है। पंचायत राज विभाग द्वारा शुरू किए गए इस अभियान का संदेश है—
“कूड़े में प्लास्टिक नहीं, प्लास्टिक में कूड़ा नहीं”

वाराणसी मंडल के उपनिदेशक पंचायत जितेंद्र कुमार मिश्र के मार्गदर्शन में यह पहल ग्राम पंचायत कादीपुर (विकास खंड काशी विद्यापीठ) से शुरू की गई, जिसमें महिलाओं को 2 किलो प्लास्टिक लाने पर 1 सेनेटरी पैड इनाम स्वरूप दिया गया।

कार्यक्रम में 118 महिलाओं और किशोरियों ने अपने घरों में एकत्रित 238 किलो से अधिक प्लास्टिक कचरा पंचायत भवन में जमा किया। इसके बदले उन्हें सेनेटरी पैड वितरित किए गए, जिससे स्वच्छता के साथ-साथ महिला स्वास्थ्य को भी प्रोत्साहन मिला।

उपनिदेशक पंचायत ने बताया कि घरेलू कचरे में प्लास्टिक मिल जाने से न तो कूड़ा सही तरीके से कंपोस्ट हो पाता है और न ही प्लास्टिक का रीसायक्लिंग संभव हो पाता है। यही प्लास्टिक नालियों, तालाबों और खेतों में जाकर गंभीर प्रदूषण का कारण बनता है।

इस पहल के तहत ग्रामीणों को प्रेरित किया गया कि वे-

  • प्लास्टिक को अलग बोरी में संग्रह करें
  • गीले और सूखे कचरे को अलग रखें
  • साफ प्लास्टिक को प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट तक पहुंचाएं

कार्यक्रम में विंध्यवासिनी फाउंडेशन ट्रस्ट और आइडियल वूमेन वेलफेयर सोसाइटी की सक्रिय भूमिका रही। पंचायत राज विभाग के साथ मिलकर यह मॉडल अब अन्य ग्राम पंचायतों में भी लागू किया जाएगा।

कार्यक्रम में सहायक जिला पंचायत अधिकारी राकेश कुमार यादव, सहायक विकास अधिकारी पंचायत, ग्राम प्रधान विजय कुमार, सचिव अभिषेक सिंह, समाजसेवी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। संचालन मंडलीय समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन अनिल केशरी ने किया।

यह पहल स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण-तीनों को एक साथ जोड़ने वाला देश के लिए अनुकरणीय मॉडल बन रही है।

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