पश्चात संस्कृति को छोड़ सनातन धर्म और हिंदू संस्कृति का उत्थान हो-गुरु मां ध्यान मूर्ति

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O छठवें दिन की कथा में
श्री कृष्ण रुक्मणी विवाह का प्रसंग

विंध्यानगर सिंगरौली, सोनभद्र।
श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के छठवें दिवस पर कथा व्यास महामंडलेश्वर गुरु मां ध्यान मूर्ति किशोरी जू व्यास पीठ से आवाहन किया कि हम सबको पाश्चात्य संस्कृति छोड़कर सनातन धर्म एवं हिंदू संस्कृति के उत्थान के कार्य में लगना चाहिए हमारी सनातन संस्कृति वैदिक एवं प्राचीन है हमें अपने संस्कृति पर गर्व होना चाहिए कथा के छठवें दिवस पर श्री कृष्ण रुक्मणी विवाह का सुंदर प्रसंग सुनाया गया श्री कृष्ण रुक्मणी के विवाह पर भक्तगण पंडाल में झूम कर नाचे।
संपूर्ण कथा पंडाल श्रोता भक्तगणों से खचाखच भर गया था आयोजन समिति द्वारा सभी श्रोताओं को बैठने के लिए अतिरिक्त व्यवस्था किया गया।
छठवें दिवस के कथा के मुख्य यजमान आयोजन समिति के सर्वव्यवस्था प्रमुख सत्यनारायण बंसल एवं निशा बंसल एवं कृष्ण कुमार गर्ग तथा सरिता गर्ग ने कथा व्यास पीठ का पूजन किया। कथा एवं पांडाल की व्यवस्था प्रसाद वितरण की व्यवस्था में आयोजन समिति के अमर सिंह सत्येंद्र कुमार पांडे राजीव तायल राम जी शर्मा संजय श्रीवास्तव अजीत तिवारी अमितेश सिंह रामदुलार सिंह अरविंद सिंह प्रेम सिंह रघुवंशी एवं अन्य सदस्यों द्वारा किया गया।
कथा व्यवस्था समन्वय हेमंत मिश्र द्वारा किया गया।

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