मंत्री के आदेश भी बेअसर, ओबरा–चोपन रोड पर अंधेरे मे डूबा

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अभिषेक अग्रहरी

O- ओबरा–चोपन मार्ग पर सरकारी निर्देश बेअसर, यात्रियों की सुरक्षा राम भरोसे

O- सीएम की सख़्ती के बावजूद सोनभद्र में सड़क सुरक्षा लापता

O- करोड़ों की लाइटें शोपीस, ओबरा–चोपन मार्ग बना दुर्घटना जोन

ओबरा (सोनभद्र) । एक ओर उत्तर प्रदेश सरकार सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार सख्त निर्देश जारी कर रही है, तो दूसरी ओर जमीनी हकीकत इन आदेशों को चुनौती देती नजर आ रही है। जनपद सोनभद्र का ओबरा–चोपन मुख्य मार्ग, विशेषकर बाघा नाला क्षेत्र तक का हिस्सा, इन दिनों घने अंधेरे और कोहरे के कारण हादसों को खुला न्योता दे रहा है। करोड़ों रुपये की लागत से लगी हाई मास्क लाइटें निष्क्रिय पड़ी हैं, जिससे रात के समय यह मार्ग बेहद खतरनाक हो गया है।

प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा कोहरे के मौसम में सड़कों पर समुचित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। बावजूद इसके, ओबरा–चोपन मार्ग पर इन आदेशों का पालन होता नहीं दिख रहा। हाल ही में सोशल मीडिया पर इस अंधेरे मार्ग को लेकर लोगों का गुस्सा फूटा था, जिसके बाद ओबरा विधानसभा क्षेत्र के मंत्री ने जिलाधिकारी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

औपचारिकता बनकर रह गई कार्रवाई

मंत्री के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन हरकत में आया और कुछ लाइटें अस्थायी रूप से चालू की गईं, लेकिन यह व्यवस्था कुछ ही दिनों में दम तोड़ गई। वर्तमान स्थिति यह है कि पूरे मार्ग पर महज 8–10 प्रतिशत लाइटें ही जल रही हैं, जबकि अधिकांश हाई मास्क लाइटें फिर से बंद पड़ी हैं। इससे यह साफ हो गया कि प्रशासनिक कार्रवाई केवल दिखावे तक सीमित थी।

यात्रियों में डर, प्रशासन बेपरवाह

रात के समय बाइक सवार, ऑटो व टेंपो चालक और पैदल राहगीर भय के साये में इस मार्ग से गुजरने को मजबूर हैं। कोहरे और अंधेरे के कारण छोटी दुर्घटनाएं आम हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक कोई बड़ा हादसा नहीं होता, तब तक शायद प्रशासन की नींद नहीं खुलेगी। आगरा एक्सप्रेसवे जैसे बड़े हादसों से सबक लेने के दावों के बावजूद, जमीनी स्तर पर लापरवाही साफ दिखाई दे रही है।

सवालों के घेरे में जवाबदेही

यह मामला अब केवल एक सड़क या लाइटों का नहीं रह गया है, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही और सुरक्षा प्राथमिकताओं पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। यदि मुख्य मार्गों पर ही सरकारी निर्देशों का पालन नहीं हो पा रहा, तो दूरदराज क्षेत्रों की स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है।

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि ओबरा–चोपन मार्ग पर तत्काल सभी हाई मास्क लाइटों को दुरुस्त किया जाए और नियमित निगरानी की व्यवस्था हो, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले हालात सुधारे जा सकें।

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