नौगढ़ में जेंडर आधारित हिंसा के खिलाफ 16 दिवसीय अभियान की जोरदार शुरुआत, साइकिल रैली ने दिया जागरूकता का संदेश

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चंदौली जिले के नौगढ़ विकास खंड में ग्राम्या संस्थान की ओर से जेंडर आधारित हिंसा के विरुद्ध 16 दिवसीय अभियान-2025 का आगाज़ सोमवार को साइकिल जागरूकता रैली के साथ हुआ। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय दिवस की थीम “सभी महिलाओं व लड़कियों के खिलाफ डिजिटल हिंसा को समाप्त करने के लिए एकजुट हों” पर केंद्रित है। अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं के प्रति बढ़ती डिजिटल हिंसा, ऑनलाइन उत्पीड़न व साइबर असुरक्षा के प्रति समुदाय को जागरूक करना है।

रैली तेंदुआ गांव स्थित अंबेडकर पार्क से शुरू होकर नौगढ़ पुलिस थाना परिसर तक निकाली गई। उपजिलाधिकारी नौगढ़ विकाश मित्तल, खंड विकास अधिकारी अमित कुमार, नौगढ़ थाना प्रभारी सुरेंद्र यादव व चकरघट्टा के एसएचओ संतोष कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रभात, सीडब्ल्यूसी सदस्य धर्मेंद्र, महिला कल्याण विभाग से रंजना, महिला आरक्षी ममता यादव तथा बाघी ग्राम प्रधान नीलम ओहरी बासौली, लौवरी पंचायतों के प्रधानों सहित ग्राम्या संस्थान की निदेशक बिंदु सिंह ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। रैली में लगभग 240 बालक-बालिकाओं और संस्था के कार्यकर्ताओं ने प्रतिभाग किया।

“महिलाओं के खिलाफ हिंसा बंद करो”, “डिजिटल हिंसा नहीं सहेंगे”, “समस्या हो तो 1930 पर फोन करो” जैसे नारों के साथ प्रतिभागियों ने कई गांवों व मुख्य बाजारों में लोगों को जागरूक किया। रैली का समापन नौगढ़ थाना परिसर स्थित सभागार में हुआ, जहां पपेट शो, बालिकाओं द्वारा संविधान गीत, महिला हिंसा रोकथाम से जुड़े थीम सॉन्ग और संवाद सत्र आयोजित किए गए।

सभा में अधिकारियों ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए महिलाओं व लड़कियों की सुरक्षा के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने किसी भी घटना की तुरंत जानकारी देने, हेल्पलाइन के उपयोग और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी। अधिकारियों ने ग्राम्या संस्थान की पहल की सराहना की।

इस दौरान संस्थान की निदेशक बिंदु सिंह ने अतिथियों व प्रतिभागियों के सहयोग के लिए आभार जताते हुए कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ते उत्पीड़न, फर्जी अकाउंट, अश्लील सामग्री और ऑनलाइन शोषण से निपटने के लिए सामुदायिक जागरूकता जरूरी है। उन्होंने हेल्पलाइन नंबरों के उपयोग पर भी विशेष जोर दिया। कार्यक्रम का संचालन नीतू और सुरेंद्र ने किया।

रैली में साधना, नीलम, सुनीता सहित कई गांवों के बच्चे-बालिकाओं ने प्रतिभाग किया। संस्था ने बताया कि अभियान के दौरान स्कूलों और समुदाय स्तर पर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, ताकि अधिक से अधिक लोगों को जेंडर आधारित हिंसा के प्रति संवेदनशील बनाकर इसके उन्मूलन के लिए जोड़ा जा सके।

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