अमित मिश्रा
O- बहुआयामी शिक्षाविद् एस.एस. राय की जयंती पर विद्वानों ने किया स्मरण
सोनभद्र। राष्ट्र निर्माण में शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक चेतना को आधार मानने वाले प्रख्यात शिक्षाविद् एवं अर्थशास्त्री शिवधारी शरण राय (एस.एस. राय) की जयंती शुक्रवार की देर शाम शिवि सेवा ट्रस्ट द्वारा निराला नगर स्थित उनके आवास पर श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई।
राजा शारदा महेश इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य रहे एस.एस. राय न केवल एक उत्कृष्ट शिक्षक थे, बल्कि वे खिलाड़ी, कलाकार, पर्यटक, शिक्षक नेता, सनातन धर्म के संरक्षक तथा राष्ट्रीय स्तर के संगठनों—विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ—के आंदोलनों से भी सक्रिय रूप से जुड़े रहे।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित सम्मान एवं संगोष्ठी समारोह की अध्यक्षता करते हुए प्रख्यात लोक साहित्यकार एवं लोकवार्ता शोध पत्रिका के प्रधान संपादक डॉ. अर्जुन दास केसरी ने कहा कि राय साहब का व्यक्तित्व बहुआयामी था। वे ऐसे गुरु थे जो शिक्षा को केवल नौकरी का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के उत्थान का सेतु मानते थे।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व जिला संघसंचालक शिव शंकर गुप्ता, विशिष्ट अतिथि सहित अन्य विद्वानों ने भी एस.एस. राय के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके जैसे समर्पित शिक्षाविद् किसी समाज की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने यह भी कहा कि एस.एस. राय ने अपने जीवन में अनुशासन, आध्यात्मिकता और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा। शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।
अंत में ट्रस्ट सदस्यों द्वारा उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर शिक्षाविद् राय को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई।







