अमित मिश्रा / वेद व्यास मौर्या
बिना गड्ढा खोदे, लेंथ बांधे खड़े किए गए पिलर – ग्रामीणों ने किया विरोध
सोनभद्र। विकास खंड नगवां में जिला पंचायत निधि से आधा दर्जन यात्री भवनों का निर्माण प्रस्तावित है। इसी कड़ी में बारा डांड स्थित वन देवी मंदिर के पास एक यात्री भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में जमकर भ्रष्टाचार और मानक की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक ठेकेदार ने बिना गड्ढा खोदे और बिना लेंथ बांधे सीधे 10 फीट ऊंचे पिलर खड़े कर दिए, जिन पर छत की ढलाई का काम भी तेजी से प्रगति पर है। ग्रामीणों ने जब यह देखा तो विरोध करना शुरू कर दिया और निर्माण कार्य पर सवाल उठाने लगे।
ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार और जेई कभी साइट पर दिखाई नहीं देते, पूरा काम एक क्षेत्रीय मेठ के हवाले है। इसी वजह से निर्माण में घटिया सामग्री और भारी अनियमितता देखने को मिल रही है। आरोप है कि पिलर की ढलाई और दीवारों की जुड़ाई में बालू के साथ पत्थर का चूरन इस्तेमाल हो रहा है।
सूत्रों का कहना है कि मेठ ने पिलर डालने के लिए न तो गड्ढा खोदा, न ही लेंथ बांधा, बल्कि पुराने और खराब तीन सूत के सरियों से ही पिलर खड़ा कर दिया गया, जो मानक के सख्त खिलाफ है।
जब इस मामले में जिला पंचायत के जेई राजेश यादव से मोबाइल पर संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि “नियम के अनुसार तीन फीट गहरा गड्ढा खोदकर लेंथ बांधना जरूरी है, तभी पिलर की नींव डाली जाती है। मामला मेरे संज्ञान में आया है, इसकी जांच की जाएगी।”
उधर, ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार और मानकविहीन निर्माण कार्य का विरोध करते हुए निर्माण कार्य रोक दिया है। उनका कहना है कि यदि इस पर रोकथाम नहीं हुई तो बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी सोनभद्र से मांग की है कि यात्री भवन निर्माण की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषी ठेकेदार व विभागीय अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
विरोध करने वालों में राम ईश्वर, पारसनाथ, रामसजीवन, राजेन्द्र सिंह, बनारसी, अर्जुन, धीरेन्द्र, राजकुमार, कल्लू, बिमलेश, वकील सहित कई ग्रामीण शामिल रहे।







