कचनरवा पीएचसी की ज़मीन पर अतिक्रमण, एसीएमओ ने लिया संज्ञान, शिकायत पर पहुंचे मौके पर

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अमित मिश्रा

कोन (सोनभद्र) । नवसृजित विकास खंड कोन के ग्राम पंचायत कचनरवा में संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) की जमीन पर अतिक्रमण की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल व अन्य माध्यमों से दर्ज कराई गई थी। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसीएमओ डॉ. पी.के. राय ने बुधवार को मौके पर पहुंचकर शिकायतकर्ता सरोज देवी व विश्वजीत श्रीवास्तव से मुलाकात की और मामले की वस्तुस्थिति जानी।

शिकायतकर्ताओं ने स्पष्ट रूप से मांग की कि पीएचसी की पूरी जमीन पर बाउंड्रीवॉल का निर्माण कराया जाए, अन्यथा अतिक्रमण हटाकर भूमि को खाली कराया जाए। विश्वजीत श्रीवास्तव ने दुख प्रकट करते हुए कहा कि क्या आत्महत्या करने के बाद ही उनकी बात सुनी जाएगी? इस पर एसीएमओ ने स्पष्ट किया कि मामला राजस्व विभाग से जुड़ा हुआ है, स्वास्थ्य विभाग सीधे इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकता। साथ ही उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि जब तक मामला सुलझ नहीं जाता, तब तक पीएचसी की जमीन पर किसी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं होगा।

डॉ. राय ने बताया कि वर्तमान में अस्पताल के बाहर सड़क निर्माण की प्रक्रिया चल रही है, जिसकी शिकायतकर्ताओं ने भी सहमति जताई है। परंतु हॉस्पिटल की बाउंड्रीवॉल निर्माण के संबंध में उन्होंने जानकारी से अनभिज्ञता जाहिर की।

शिकायतकर्ताओं सरोज देवी और विश्वजीत श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि राजस्व विभाग की मिलीभगत और विभागीय उदासीनता के कारण आज हॉस्पिटल की कीमती जमीन पर निजी निर्माण हो रहे हैं। उन्होंने मांग की कि स्वास्थ्य विभाग ज़मीन पर तुरंत कब्ज़ा लेकर बाउंड्रीवॉल का निर्माण कराए, अन्यथा ज़मीन उन्हें लौटाई जाए।

दान में दी गई थी 5 बीघा ज़मीन
बताया जाता है कि वर्ष 1997 में स्थानीय निवासियों उदय लाल श्रीवास्तव और सीताराम ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार हेतु कुल पाँच बीघा जमीन राज्यपाल के नाम दान दी थी। जिसमें डेढ़ बीघे पर पीएचसी निर्माण हुआ और शेष साढ़े तीन बीघे को विस्तार के लिए सुरक्षित रखा गया। लेकिन राजस्व विभाग द्वारा रिकॉर्ड में पीएचसी के नाम चढ़ाने में लापरवाही बरती गई। अब उसी ज़मीन पर लोगों ने मकान खड़े कर लिए हैं, जिससे दानदाता परिवार और स्थानीय लोग आक्रोशित हैं।

राजनीतिक और सामाजिक नेताओं का भी आया समर्थन
पूर्व उप ब्लॉक प्रमुख राजनारायण जायसवाल और पूर्व राज्य मंत्री सूबेदार प्रसाद सहित कई जनप्रतिनिधियों ने कचनरवा पीएचसी के लिए ज़मीन उपलब्ध कराने में योगदान दिया था। उन्होंने सरकार से मांग की है कि तत्काल जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराकर उच्चस्तरीय सुविधायुक्त हॉस्पिटल विकसित किया जाए, जो इस आदिवासी बहुल क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगा।

वरिष्ठ समाजसेवी और सपा नेता जोखन प्रसाद यादव ने भी अतिक्रमण को गंभीर चिंता का विषय बताया और कहा कि राजस्व विभाग की लापरवाही से करोड़ों की ज़मीन पर निजी कब्जे हो गए हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से मामले में त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है।

अब ग्रामीणों को उम्मीद स्वास्थ्य सेवाओं की बहाली और न्यायिक समाधान पर टिकी है।

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