आकाशीय बिजली से मौतें रोकने को लेकर एआईपीएफ ने उठाई आवाज, घायल महिलाओं से मिल जताया आक्रोश

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अमित मिश्रा

सोनभद्र । म्योरपुर ब्लॉक के खैराही गांव में आकाशीय बिजली गिरने से घायल हुईं मनरेगा महिला मजदूरों से गुरुवार को ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट (एआईपीएफ) के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की और घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से मांग की कि दुद्धी क्षेत्र में लगातार हो रही आकाशीय बिजली से मौतों की रोकथाम के लिए तत्काल तड़ित चालक यंत्र (Lightning Arresters) लगाए जाएं।

एआईपीएफ के जिला संयोजक कृपाशंकर पनिका और युवा मंच की जिला संयोजक सविता गोंड ने म्योरपुर अस्पताल में भर्ती घायल मजदूर लीलावती, प्रमिला और लीला से मुलाकात कर उनकी स्थिति का जायजा लिया। घायलों ने बताया कि घटना के बाद ग्राम प्रधान ने कई बार 108 एंबुलेंस सेवा को फोन किया, लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची। अंततः प्रधान को निजी वाहन से सभी घायलों को अस्पताल ले जाना पड़ा।

प्रतिनिधिमंडल ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की इस लापरवाही पर तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि जमीनी हकीकत सरकार के दावों से एकदम अलग है। 108 एंबुलेंस सेवा की बदतर स्थिति ने एक बार फिर आपातकालीन चिकित्सा सेवा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

एआईपीएफ ने कहा कि दुद्धी तहसील क्षेत्र में हर वर्ष आकाशीय बिजली से अनेक जानें जाती हैं, लेकिन आज तक इससे निपटने के लिए कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। पूर्ववर्ती अखिलेश सरकार में शुरू हुई तड़ित चालक यंत्र लगाए जाने की योजना अभी तक अधूरी पड़ी है।

प्रतिनिधियों ने सरकार से मांग की कि दुद्धी क्षेत्र में युद्ध स्तर पर तड़ित चालक यंत्र लगाए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से लोगों की जान बचाई जा सके। साथ ही उन्होंने यह भी मांग की कि मनरेगा कार्यस्थलों पर प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और मजदूरों को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा के उपायों से लैस किया जाए।

घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि जमीनी स्तर पर सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में तत्काल सुधार की आवश्यकता है, अन्यथा ऐसी घटनाएं और जानलेवा साबित होती रहेंगी।

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