वीरेंद्र कुमार
विंढमगंज (सोनभद्र) । लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पत्रकारिता को मजबूती प्रदान करने वाले वरिष्ठ पत्रकार देव कुमार का आकस्मिक निधन हो गया। वे लगभग 80 वर्ष के थे और पिपरखाड़ गांव (कचनरवा ग्राम पंचायत) के निवासी थे। उन्होंने सोमवार शाम 7 बजे अपने पैतृक निवास पर अंतिम सांस ली।
देव कुमार ने पिपरी-रेणुकूट, सोनभद्र में रहकर अपनी बेबाक लेखनी से आदिवासी, शोषित, वंचित और दलित वर्ग के हितों की आवाज उठाई। उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में 35 वर्षों तक सामाजिक, राजनीतिक और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उजागर किया, जिससे शासन और समाज में जागरूकता फैली।

उनके निधन की खबर से पत्रकारिता जगत में शोक की लहर दौड़ गई। विंढमगंज के पत्रकारों ने मंगलवार को एक शोक सभा आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और मृत आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन रखा।
वरिष्ठ पत्रकार रामदास कुशवाहा ने कहा, “देव कुमार जी सहज, सरल स्वभाव के धनी थे और उनकी लेखनी ने हमेशा न्याय और सच्चाई का पक्ष लिया। उनका जाना पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।”

इस अवसर पर प्रेमचंद वर्मा, प्रभात कुमार, वीरेंद्र कुमार, सुमन कुमार, ओम प्रकाश, अजय कुमार, नंदकिशोर, जितेंद्र प्रसाद, धर्मेंद्र गुप्ता, विवेकानंद मिश्रा, पप्पू यादव, रामाशीष यादव, प्रेमचंद कुशवाहा, राकेश कुमार केसरी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
देव कुमार के परिवार व समर्थकों के प्रति संवेदना प्रकट की गई है। उनके अविस्मरणीय योगदान को सदैव याद रखा जाएगा।







