अमित मिश्रा
सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में एनटीपीसी शक्तिनगर परिसर में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ का 105वाॅ स्थापना दिवस समारोह मनाया गया। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की स्थापना 1921 में ‘काशी विद्यापीठ वाराणसी’ के नाम से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी द्वारा महान स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी व राष्ट्रवादी चिंतक बाबू शिव प्रसाद गुप्त के सहयोग से किया गया। इसके स्थापना का तत्कालीन उद्येश्य स्वतन्त्रा संग्राम सेनानियों को उच्च शिक्षा प्रदान करना था जो ब्रिटिश हुकूमत द्वारा उच्च शिक्षा/ विश्वविद्यालयी शिक्षा से वंचित कर दिये जाते थे।
काशी विद्यापीठ अपने उद्देश्य में सफल रहा जहां वीर शहीद चंद्रशेखर आजाद ने शिक्षा ग्रहण किया और भारत की आजादी के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। आजादी के पश्चात द्वितीय प्रधान मंत्री लाल बहादुर शास्त्री और अन्य कई राजनेता जिसमें चंद्रशेखर सिंह (पूर्व प्रधान मंत्री), राम कृष्ण हेगड़े (पूर्व मुख्य मंत्री कर्नाटक) भी काशी विद्यापीठ के छात्र थे।
समारोह का शुभारंभ परिसर प्रभारी डॉ प्रदीप कुमार यादव सहित अनेक शिक्षकों और छात्र-छात्राओं द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के मूर्ति पर माल्यार्पण और शिव प्रसाद गुप्त जी के चित्र पर पुष्प अर्पित करने से हुआ।
सर्वप्रथम डॉ प्रदीप कुमार यादव ने विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों को इस अवसर पर शुभकामनाएं दी और बदलते परिवेश में उत्पन्न हो रहे वैश्विक चुनौतियों के सापेक्ष तैयार रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ अध्यापक डाॅ० मानिक चंद पाण्डेय, डाॅ० छोटेलाल प्रसाद, डाॅ० मनोज कुमार गौतम ने अपने विचार व्यक्त किये। आयोजन का संचालन डॉ० विनोद कुमार पाण्डेय ने किया। सहभागियों का स्वागत डॉ प्रभाकर लाल द्वारा किया गया और धन्यवाद ज्ञापन अजय लक्ष्मी ने किया।
कार्यक्रम में समस्त अध्यापक और भारी संख्या में छात्र उपस्थित रहे,जिसमे हिमांशु, राहुल, पूनम, अनामिका, विनित, अंकित, हरिओम का योगदान सराहनीय रहा।







