उच्चाधिकारियों के हस्त्तक्षेप के बाद सामुहिक दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज, गिरफ्तार।

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एस एस पाण्डेय

खलियारी (सोनभद्र) । एक उन्नीस वर्षीय विधवा के पुत्री को अगवाकर सामुहिक दुष्कर्म का मामला, दो दिन तक मामले को रफा-दफा करने व मुकदमा न दर्ज करने का थाना प्रभारी पर आरोप, सोनभद्र जिले के रायपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की एक विधवा की उन्नीस वर्षीय पुत्री को रात में अगवाकर सामुहिक दुष्कर्म मारपीट करने के शिकायत न दर्ज करने का मामला सामने आने के बाद अन्ततः थाना प्रभारी रायपुर को उच्चाधिकारियों के हस्त्तक्षेप के बाद सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करना पड़ा। बता दें कि मामला 28 नवम्बर 2024 रात्रि लगभग एक बजे की है। पिड़िता के अनुसार नीरज पुत्र राधेश्याम निवासी डोरियां (डोंगी), विमलेश पासवान पुत्र छोटेलाल निवासी सरईगढ़ (नाईं) मेरे घर में घुसकर मुझे पकड़ कर बाहर ले आए। बाहर तीन लोग उमेश यादव पुत्र रामजग,बुल्लू पुत्र रामगहन यादव निवासी डोरियां (डोंगी), बिन्दु गुप्ता पुत्र लक्ष्मी गुप्ता निवासी जसौलियां सरईगढ़ खड़े थे। पांचों लोग मुझे जंगल के तरफ ले गये तथा बारी बारी से जबरिया अनैतिक संबंध स्थापित किए। दिनांक 2 दिसंबर 2024 को मुझे छोड़ दिया गया। जब मैं अपने घर पहुंची और आप बिती मां को सुनाई। अपने रिश्तेदारों के साथ थाना रायपुर पहुंच कर प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। लेकिन मेरी कोई सुनवाई नहीं हुई। अलबत्ता पांचों दुष्कर्मियों को बुलाकर रुपए का लेन-देन कर मामला शांत करने का दबाव बनाया जाने लगा। मेरी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई और पांचों आरोपियों को छोड़ दिया गया। पुनः तीन तारीख को मैं अपने लोगों के साथ थाना रायपुर पहुंची और रिपोर्ट दर्ज करने की बात कही तो थाना प्रभारी द्वारा एक व्यक्ति के नाम से मामला दर्ज कराओ नहीं तो हम कुछ नहीं करेंगे। तुझे जहां शिकायत करना हो करो। पुलिस अधीक्षक को आन लाइन आवेदन किया गया। उसी क्रम में एक पत्रकार व समाज सेवी से मुलाकात हुई जिन्होंने मामले की जानकारी के बाद अधिकारियों को सूचित किए। उच्चाधिकारियों को पहले तो थाना प्रभारी द्वारा झूठी कहानी बताई गई। लेकिन समाजसेवी पत्रकार के साक्ष्य के आधार पर रात्रि लगभग ग्यारह बजे सामुहिक दुष्कर्म अपहरण एवं मार पीट के धाराओं में मुकदमा दर्ज कर रात्रि में ही छापामारी कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। वैसे सही मायने में देखा जाय तो रायपुर थाना भ्रष्टाचार का अड्डा बनता जा रहा है।यहां गरीबों की सुनवाई नहीं होती केवल पैसे के बल पर काम हो रहा है। पैसे के बल पर ऐसे ऐसे मामले दबा दिए जाते हैं जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। आगे रायपुर पुलिस क्या करती अभी देखना बाकी है। लड़की को बयान हेतु मजिस्ट्रेट के पास भेजा जा रहा है। वहीं मेडिकल भी होगा।

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